Thursday, February 28, 2008

धारा के विरुद्ध!

बहुत बह लिये
अनुकुल-
धारा के होकर
कई चोटें दिए-
लहरों ने पीठ पर
मत कर और सहन
चल उठ
एक नाव चला-
धारा के विरुद्ध!

नया करने को
काफी है-
अपना साहस और खुद पर यकीन
तो बस-कमर कस
पतवार उठा
लहर-लहर में घुस
कतरे-कतरे को कर शुद्ध
चल उठ
एक नाव चला-
धारा के विरुद्ध!
संघर्ष कर
लहरों के थपेड़े खा
चट्टानों से टकरा
कितना धकेलेगी लहर
भर बाजुओं में बल
जोर आजमा
रख जान हथेली पर

आगे बढता चल
गम नहीं
जो
जान चली जाए
मत हो क्षुब्ध
चल उठ
एक नाव चला-
धारा के विरुद्ध!

संभव है शोर हो
अंगुलियाँ उठे
बहिस्क्रित कर दिये जाओ
और तुम
अकेले पड़ जाओ
संभव है-
तुम सराहे जाओ
तुम्हारी जय-जयकार हो
या
कोई हाथ बँटाने वाला मिल जाये
फिर फिकर् क्या?
कि जड़ किनारा गालियाँ दे
या
आँखे तरेरे हो क्रुद्ध
चल उठ
एक नाव चला-
धारा के विरुद्ध!
-मनीष
(छात्र-माहात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रिय हिन्दी विश्वविद्यालय)

Tuesday, February 26, 2008

साधन धर्म साध्य......?

विवेक विश्वास :

धर्म की अंगीठी और उससे उठते लौ पर हाथ सेकते लोग,राजनितिक पार्टियाँ एवं मीडिया संस्थान ।हर कोई धर्म की आर मी अपनी जुगत लगा रहा है।भले ही व्यक्ति,पार्टी एवं संस्था के रूप मी चेहरे बदलते दिखें पर साधन एवं साध्य बदलते नहीं दिखते।

हर कोई आम-अवाम के संवेदनाओं एवं मन-मस्तिस्क को झकझोरने की कार्ये करता है और हम हैं की इन चल-परपंच को समझने में नाकाम रहते हैं।इस करी मे धार्मिक गुरु चन्दरास्वामी को याद कर हम अपनी सुसुप्त चेतना को जग्रित कर सकते हैं ,जो धार्मिक चोला पहनकर हवालाकान्ड जैसे घटना में मददगार साबित होते हैं,जिसे हम आमलोगों के भावनाओं से खिलवार से कम कुछ भी नहीं कह सकते.

फिर सन् 1992 में अंजाम दी गई बाबरी विध्वंस से शुरु वह सिलसिला जो सबरमती एक्सप्रेस पर सफर करती हुई गोधरा के रास्ते समुद्र की तलहटी में जलसमाधी ले चुके राम-सेतु तक पहुँच जाता है और हर रजनेता एवम् रजनीतिक दळ अपनी-अपनी रोटी सेकने में लगे रहते हैं.

आज टेलीविजन चैनलों पर धर्म को लेकर एक नई चर्चा छिरी है.चाहे वह (जी न्यूज) का राम सामरज्य की सीमा मापने का दायित्वबोध हो या फिर (आज तक) का अश्वतथामा को मोक्ष दिलाने का प्रयास. हर चैनल खुद को धर्म का पहरूआ सबित कर TRP के होर में शायद यह बताने की कोशिश कर रहा है कि धर्म को भुनाने में हम से आगे कौन?

Monday, February 25, 2008

WELCOME

मेरे नीजी ब्लॉग पर आपका स्वागत है.